राजनामा डाट .कॉम के संपादक मुकेश भारतीय अभी चार दिन पहले ही जमानत पर रिहा हुए है फेसबुक वार्ता के कुछ अंश ---
Today
मीडिया में काम करने का चलन बदल चुका है आओ मिलकर नजर डाले आजकल पत्रकार दलाली कैसे कर रहे है ?
-स्टिंग करके पैसा बसूले
- पोलिसे थाने से बसूली करे
-सरकारी विभाग से बसूली करे
-किसी का वेतन रुक गया तो उसे बसूले
-दो लोगो को लडवा कर दोनों तरफ से बसूली करे
-किसी का तवादला करवाए और रुकवाए
-किसी नेता के तलवे चाटे और माल बनाये
- समाचार और साक्षात्कर करके पैसा बसूले
-लोगो को फ़ोन करके तकलीफ पूछे और पैसा बसूले ?
www.mediadalal.com www.sakshatkar.com www.bhadasbook.com
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how ru sir
aapke sath jo anyay huaa uska dard hai ..
bhai ..
chaliye badhaee ho aapko ..
kowi nahi fir se kaam shuru kare ..
chor ko neecha dikhaye ..
Ek baat yaaad rako . .mukesh bharitya jaise log desh kabhi kabhi hi karnti ke liye paida hote hia .
Esliye aapki kalam rukni nahi chahiye hamesha chalti rahe ..
bilkul sir ji .
Media ke bade dalal ko jaldi mai benakab karuga jo media ka chola pahne baitha hai .
good ..
site band ho gayee kowi baat nahi fir se nayee site se kaam shuru kare . .
Mukesh ji ye baat kitni sach hai aapne 15 lakh rupye maage the ..
क्या कोई एक न्यूज वेबसाइट चलाने वाला मुझ जैसा आम पत्रकार ( भारतीय नागरिक) किसी बड़े बैनर के अंग्रेजी अखबार के मालिक और प्रभावशाली व्यवसायी के ऑफिस में कई बार जाकर उस खबर के बदले 15लाख की रंगदारी मांग सकता है ? जो कई दिनों पूर्व छप चुकी थी। अगर नहीं तो फिर झारखंड की रांची पुलिस ने बिना छान-बीन किये जीरो मिनट के अंदर ही मुझे रंगदारी की धारा लगा कर जेल क्यों भेजा?
..........पवन बजाज ने यही आरोप लगाया है
ji ..
dekhiye - jaha tak swaal hai ek website chalane vala bahut kuchh kar sakta hai . paisa mag bhi sakta hai or nahi bhi ?
क्या कोई एक न्यूज वेबसाइट चलाने वाला मुझ जैसा आम पत्रकार ( भारतीय नागरिक) किसी बड़े बैनर के अंग्रेजी अखबार के मालिक और प्रभावशाली व्यवसायी को हत्या के मामले में फंसा सकता है ?
अगर नहीं तो फिर झारखंड की रांची पुलिस ने वादी के शिकायत- सूचना को ही मूल आधार बना कर भादवि की धारा क्यों लगा दी ?
अगर नहीं तो फिर झारखंड की रांची पुलिस ने वादी के शिकायत- सूचना को ही मूल आधार बना कर भादवि की धारा क्यों लगा दी ?
Mukesh ji hone ko kuchh bhi ho sakta hai .. nahi bhi ho sakta hai .
Lekin aaj kal jo krama media me chal raha hai vah bekaar hai ..
ji ..
Media kuchh ese log abhi hai jo portal hi chalte hai or har maheena laakho bator rahe hai ..
unka tareeka galat hai jiske mai khilaf hu ..
paban bajaj ek koyla mafiya..ek dabang bilder...kai mamlo ka aaropi hai...aaj kal munda sarkar ka kafi karibi hai
bilkul ji .
ab aapka aage ka kya vihar hai .. ?
jamant se chhut chuke hai .. kya media par bharosa uth chuka hai ..